Mohammad Shami Ahmed

मोहम्मद शमी का कहर: 8 विकेट लेकर सेलेक्टर्स को दिया करारा जवाब, टीम इंडिया में वापसी का मजबूत दावा

भले ही Mohammad Shami Ahmed को टीम इंडिया में लगातार मौके नहीं मिल रहे हों, लेकिन घरेलू क्रिकेट में उनका प्रदर्शन यह साबित कर रहा है कि वह अभी भी भारतीय गेंदबाजी आक्रमण के सबसे घातक हथियारों में से एक हैं। अपनी शानदार गेंदबाजी के दम पर Mohammad Shami Ahmed ने चयनकर्ताओं को एक बार फिर सोचने पर मजबूर कर दिया है।

रणजी ट्रॉफी में ऐतिहासिक प्रदर्शन

रणजी ट्रॉफी के दूसरे सेमीफाइनल में जम्मू-कश्मीर और बंगाल के बीच खेले गए मुकाबले में Mohammad Shami Ahmed ने एक पारी में 8 विकेट लेकर तहलका मचा दिया। यह उनके रणजी करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा। इससे पहले उनका बेस्ट आंकड़ा 7/79 था, जिसे उन्होंने इस मैच में पीछे छोड़ दिया।

उनकी धारदार गेंदबाजी के सामने जम्मू-कश्मीर की टीम 302 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। बंगाल को पहली पारी में महत्वपूर्ण बढ़त मिली, जिसका पूरा श्रेय शमी की सटीक लाइन-लेंथ और आक्रामक स्पेल को जाता है। इस मैच में Mohammad Shami Ahmed ने यह दिखा दिया कि उनकी विकेट लेने की भूख अभी खत्म नहीं हुई है।

पूरे सीजन में शानदार प्रदर्शन

इस रणजी सीजन में Mohammad Shami Ahmed ने अब तक कुल 36 विकेट अपने नाम किए हैं। उनकी निरंतरता ही उन्हें बाकी गेंदबाजों से अलग बनाती है। सिर्फ रणजी ट्रॉफी ही नहीं, उन्होंने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में भी 16 विकेट चटकाए। वहीं विजय हजारे ट्रॉफी में 15 विकेट लेकर उन्होंने सीमित ओवरों के फॉर्मेट में भी अपनी उपयोगिता साबित की।

घरेलू क्रिकेट के तीनों बड़े टूर्नामेंट में लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन यह दर्शाता है कि Mohammad Shami Ahmed पूरी फिटनेस और लय में हैं। उनकी रफ्तार, स्विंग और अनुभव आज भी बल्लेबाजों के लिए बड़ी चुनौती है।

टीम इंडिया में वापसी की उम्मीद

2023 वनडे वर्ल्ड कप के बाद चोट और फिटनेस समस्याओं के कारण उन्हें टीम इंडिया से बाहर होना पड़ा था। उसके बाद से वापसी का रास्ता आसान नहीं रहा। हालांकि, मैदान पर उनके प्रदर्शन ने यह साफ कर दिया है कि वह अभी भी राष्ट्रीय टीम के लिए तैयार हैं।

रणजी ट्रॉफी की शुरुआत में गुजरात और सर्विसेज के खिलाफ भी उन्होंने पांच-पांच विकेट लेकर मजबूत संकेत दिए थे। लेकिन सेमीफाइनल में 8 विकेट लेना चयन समिति के लिए सबसे बड़ा संदेश माना जा रहा है। अजीत अगरकर की अगुवाई वाली चयन समिति के सामने अब यह सवाल जरूर खड़ा हो गया है कि इतने बेहतरीन फॉर्म में चल रहे अनुभवी गेंदबाज को नजरअंदाज कब तक किया जा सकता है।

अनुभव और भूख का अनोखा मेल

Mohammad Shami Ahmed की सबसे बड़ी ताकत उनकी मानसिक मजबूती है। लंबे समय तक टीम से बाहर रहने के बावजूद उन्होंने अपनी फिटनेस और प्रदर्शन पर ध्यान केंद्रित रखा। तेज गेंदबाजों के लिए चोट के बाद वापसी आसान नहीं होती, लेकिन उन्होंने यह साबित किया कि मेहनत और अनुशासन से वापसी संभव है।

उनकी गेंदबाजी में अभी भी वही धार दिखाई दे रही है, जिसने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मैच विनर बनाया था। नई गेंद से स्विंग, पुरानी गेंद से रिवर्स स्विंग और लगातार सही लाइन पर गेंदबाजी — ये सभी गुण उन्हें एक पूर्ण गेंदबाज बनाते हैं।

चयनकर्ताओं के लिए स्पष्ट संदेश

घरेलू क्रिकेट में इतना प्रभावशाली प्रदर्शन किसी भी खिलाड़ी के लिए राष्ट्रीय टीम का दरवाजा खोल सकता है। Mohammad Shami Ahmed ने अपने प्रदर्शन से यह साबित कर दिया है कि वह सिर्फ अनुभव के भरोसे नहीं, बल्कि वर्तमान फॉर्म के दम पर टीम इंडिया में वापसी के हकदार हैं।

अब देखना दिलचस्प होगा कि आने वाली सीरीज के लिए चयनकर्ता क्या फैसला लेते हैं। लेकिन इतना तय है कि 8 विकेट का यह स्पेल सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, बल्कि टीम इंडिया में वापसी की मजबूत दस्तक है।

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