NortheastsFirst Emergency Landing Facility Inaugurated in Assam

असम में नॉर्थईस्ट की पहली इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी का उद्घाटन, रक्षा और आपदा तैयारियों को मिली नई ताकत

Narendra Modi ने असम के डिब्रूगढ़ जिले के मोरन क्षेत्र में नॉर्थईस्ट भारत की पहली इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF) का उद्घाटन किया। मोरन बाईपास पर विकसित यह स्ट्रेटेजिक इंफ्रास्ट्रक्चर देश की डिफेंस तैयारियों और आपदा प्रबंधन क्षमता को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। उद्घाटन के दौरान प्रधानमंत्री ने खुद इस एयरस्ट्रिप पर ऐतिहासिक लैंडिंग की और Indian Air Force द्वारा आयोजित लगभग 40 मिनट का एरियल शो देखा, जिसमें फाइटर जेट, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और हेलीकॉप्टरों ने अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया।

क्या है इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF)?

इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी एक विशेष रूप से तैयार की गई हाईवे एयरस्ट्रिप है, जिसे Indian Air Force के सहयोग से विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों में सैन्य और चुनिंदा नागरिक विमानों की लैंडिंग और टेक-ऑफ सुनिश्चित करना है। नॉर्थईस्ट भारत में यह अपनी तरह की पहली सुविधा है और अंतरराष्ट्रीय सीमा के नजदीक स्थित होने के कारण इसका रणनीतिक महत्व और भी बढ़ जाता है। यह सुविधा त्वरित सैन्य तैनाती और राष्ट्रीय सुरक्षा ढांचे को सुदृढ़ करने में अहम भूमिका निभाएगी।

मोरन ELF की प्रमुख विशेषताएं

करीब 4.2 किलोमीटर लंबी इस एयरस्ट्रिप का निर्माण लगभग ₹100 करोड़ की लागत से किया गया है। यह 40 टन तक वजन वाले फाइटर जेट और 74 टन तक अधिकतम टेक-ऑफ वज़न वाले ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट को संभालने में सक्षम है। उन्नत सतह इंजीनियरिंग के जरिए इसकी मजबूती और लोड-बेयरिंग क्षमता को बेहतर बनाया गया है। उद्घाटन समारोह के दौरान Sukhoi Su-30MKI और Dassault Rafale जैसे आधुनिक फाइटर जेट्स ने इस स्ट्रिप से सफलतापूर्वक ऑपरेशन कर इसकी ऑपरेशनल रेडीनेस का प्रदर्शन किया।

रणनीतिक और आपदा प्रबंधन में भूमिका

यह ELF प्राकृतिक आपदाओं, सुरक्षा चुनौतियों या किसी भी रणनीतिक स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया देने में सहायक होगी। नॉर्थईस्ट क्षेत्र में बाढ़ और भूकंपीय गतिविधियां आम हैं, ऐसे में तेज़ एयर कनेक्टिविटी बेहद जरूरी हो जाती है। यह सुविधा पारंपरिक एयरबेस के अनुपलब्ध होने की स्थिति में वैकल्पिक एयरस्ट्रिप के रूप में काम करेगी। साथ ही, यह देश के इंटीग्रेटेड सिविल-मिलिट्री इंफ्रास्ट्रक्चर मॉडल को भी मजबूती प्रदान करती है और संवेदनशील सीमावर्ती इलाकों में लॉजिस्टिक लचीलापन बढ़ाती है।

असम में अन्य विकास परियोजनाएं

इस मौके पर असम में कई अन्य विकास परियोजनाओं की भी शुरुआत की गई। इनमें कनेक्टिविटी से जुड़े बड़े प्रोजेक्ट, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड और शहरी परिवहन पहल शामिल हैं। नॉर्थईस्ट क्षेत्र के लिए एक नए नेशनल डेटा सेंटर की स्थापना और Indian Institute of Management Guwahati के उद्घाटन का उद्देश्य डिजिटल गवर्नेंस और उच्च शिक्षा को नई दिशा देना है। ये सभी पहल मिलकर नॉर्थईस्ट में इंफ्रास्ट्रक्चर, रणनीतिक क्षमता और आर्थिक विकास को गति देने की व्यापक योजना को दर्शाती हैं।

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