सार्वजनिक क्षेत्र के प्रमुख बैंक Canara Bank ने अपनी MCLR (Marginal Cost of Funds Based Lending Rate) में बदलाव किया है। ताज़ा अपडेट के अनुसार Canara Bank MCLR Rates में 10 बेसिस प्वाइंट (0.10%) की बढ़ोतरी की गई है।
बैंक की संशोधित Canara Bank MCLR Rates 12 मार्च 2026 से लागू हो चुकी हैं। इस बदलाव का असर उन ग्राहकों पर पड़ सकता है जिनके होम लोन, ऑटो लोन या अन्य लोन MCLR से लिंक हैं, क्योंकि इससे उनकी EMI बढ़ सकती है।
MCLR क्या होता है?
MCLR (Marginal Cost of Funds Based Lending Rate) वह न्यूनतम ब्याज दर होती है जिसके नीचे बैंक किसी भी ग्राहक को लोन नहीं दे सकता।
इसे Reserve Bank of India ने अप्रैल 2016 में लागू किया था, ताकि बैंकिंग सिस्टम में ब्याज दरों की पारदर्शिता बनी रहे।
MCLR तय करते समय बैंक कई कारकों को ध्यान में रखते हैं, जैसे:
- बैंक की फंडिंग लागत
- ऑपरेटिंग खर्च
- रिजर्व आवश्यकताएं
इसी आधार पर समय-समय पर Canara Bank MCLR Rates में बदलाव किया जाता है।
Canara Bank MCLR Rates: नई ब्याज दरें
स्टॉक एक्सचेंज में दी गई जानकारी के अनुसार बैंक की नई MCLR दरें इस प्रकार हैं:
- ओवरनाइट MCLR:85%
- 1 महीने का MCLR:90%
- 3 महीने का MCLR:15%
- 6 महीने का MCLR:50%
- 1 साल का MCLR:70%
लंबी अवधि की MCLR में बढ़ोतरी
बैंक ने लंबी अवधि की Canara Bank MCLR Rates में 10 बेसिस प्वाइंट का इजाफा किया है।
- 2 साल का MCLR:85% से बढ़कर 8.95%
- 3 साल का MCLR:90% से बढ़कर 9.00%
नई Canara Bank MCLR Rates 12 मार्च 2026 से प्रभावी हो गई हैं।
लोन लेने वालों पर क्या पड़ेगा असर?
Canara Bank MCLR Rates में बदलाव का सीधा असर उन ग्राहकों पर पड़ता है जिनके लोन MCLR आधारित ब्याज दरों से जुड़े होते हैं।
- ब्याज दर में बदलाव लोन की अगली रीसेट डेट पर लागू होता है।
- रीसेट अवधि ग्राहक के लोन एग्रीमेंट में पहले से तय होती है।
बैंक के अनुसार, मौजूदा ग्राहक चाहें तो मंजूरी मिलने पर MCLR आधारित ब्याज दर पर स्विच करने का विकल्प भी चुन सकते हैं। हालांकि यह विकल्प रिटेल और MSME लोन के लिए उपलब्ध नहीं है।
RBI Repo Rate का क्या है असर?
Reserve Bank of India ने 6 फरवरी 2026 को हुई अपनी मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक में रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया।
- वर्तमान Repo Rate: 5.25%
रेपो रेट वह दर होती है जिस पर RBI बैंकों को कर्ज देता है।
जब रेपो रेट कम होता है तो बैंकों को सस्ता फंड मिलता है, जिससे भविष्य में Canara Bank MCLR Rates जैसे लेंडिंग रेट में भी बदलाव देखने को मिल सकता है और ग्राहकों को सस्ते लोन का फायदा मिल सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
सवाल: Canara Bank ने MCLR दरों में क्या बदलाव किया है?
जवाब: बैंक ने 2 साल और 3 साल की MCLR दरों में 10 बेसिस प्वाइंट (0.10%) की बढ़ोतरी की है, जिससे लोन की ब्याज दरों पर असर पड़ सकता है।
सवाल: नई MCLR दरें कब से लागू हुई हैं?
जवाब: बैंक द्वारा तय की गई संशोधित MCLR दरें 12 मार्च 2026 से प्रभावी हो गई हैं।
सवाल: MCLR का क्या मतलब होता है?
जवाब: MCLR (Marginal Cost of Funds Based Lending Rate) वह न्यूनतम ब्याज दर होती है, जिसके नीचे कोई भी बैंक ग्राहकों को लोन नहीं दे सकता।
सवाल: MCLR में बदलाव से किन-किन लोन पर असर पड़ता है?
जवाब: MCLR में बदलाव का असर मुख्य रूप से होम लोन, ऑटो लोन और कुछ कॉरपोरेट लोन पर पड़ता है, खासकर वे लोन जो MCLR आधारित ब्याज दर से जुड़े होते हैं।
सवाल: क्या MCLR बदलते ही EMI तुरंत बदल जाती है?
जवाब: नहीं, EMI तुरंत नहीं बदलती। जिन लोन की ब्याज दर MCLR से जुड़ी होती है, उनमें बदलाव लोन की अगली रीसेट डेट पर लागू होता है, जो लोन एग्रीमेंट में पहले से तय होती है।
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